जिस तरफ भी चल पड़ेंगे रास्ता बन जाएगा .. प्रो हांगलू

प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय विधि संकाय सभागार में उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा में चयनित इलाहाबाद विश्वविद्यालय के 65 छात्रों का आज सम्मान किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति पंकज मित्तल के अलावा विशिष्ट अतिथि अशोक कुमार, श्रीमती विजयलक्ष्मी (रिटायर), अरुण टंडन (रिटायर) डॉ आलोक मिश्र, संयुक्त सचिव, एमएचआरडी ने छात्रों को प्रशस्ति पत्र और मेडल देकर सम्मानित किया।
इस अवसर पर बोलते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो रतनलाल हांगलू ने कहा कि उन्हें विरासत में विधि विभाग का यह जला हुआ सभागार मिला था और आज यह सभागार सफलता की रोशनी से जगमगा रहा है। उन्होंने न्यायिक सेवा में सफल परीक्षार्थियों को बधाई देते हुए मशहूर शेर पढ़ा कि…‘ हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है , जिस तरफ भी चल पड़ेंगे रास्ता बन जाएगा। ’
मुख्य अतिथि इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति पंकज मित्तल ने कहा कि मैं 40 साल पहले इलाहाबाद विश्वविद्यालय का छात्र था। मुझे आज जितनी खुशी हो रही है, उतनी खुशी कभी नहीं हुई। आज जो उपलब्धि मिली है वह एकाएक नहीं है। कुलपति प्रो हांगलू इलाहाबाद विश्वविद्यालय का खोया गौरव लौटा रहे हैं। न्यायमूर्ति अशोक कुमार ने कहा कि पहले 3 साल के कई कोर्स 5 या 6 साल में होते थे। छात्रों का काफी वक्त बर्बाद होता था, पर प्रो हांगलू के आने से काफी चीजें सुधरी हैं।
न्यायमूर्ति विजय लक्ष्मी (रिटायर) ने कहा कि जज के एक फैसले से किसी की पूरी जिंदगी बदल जाती है। उन्होंने कहा कि कुलपति प्रो हांगलू एक निडर व्यक्ति हैं। न्यायमूर्ति अरुण टंडन (रिटायर) ने कहा कि न्यायिक सेवा के लिए उच्च नैतिकता और ईमानदारी बहुत जरूरी है। कार्यक्रम में स्वागत वक्तव्य डीन लॉ प्रो आर के चैबे ने दिया तथा संचालन डॉ श्लेष गौतम ने किया। इस अवसर पर रजिस्ट्रार प्रो नरेंद्र शुक्ला,परीक्षा नियंत्रक प्रो रामेंद्र सिंह, कुलपति के विशेष कार्याधिकारी डॉ चित्तरंजन कुमार,प्रो जयंत खोत,डॉ सुजीत सिंह, डॉ हरिवंश सिंह, डॉ शैलेन्द्र राय, डॉ सोनल शंकर आदि उपस्थित रहें।

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