सरकारी काम तरकारी की तरह

संजीत कुमार
ब्यूरो चीफ औरंगाबाद

राजकीय प्राथमिक विद्यालय मझिआंव (पंचायत महुआव) को एनपीजीसी नबीनगर बिहार के द्वारा गोद लेने के बाद भी विद्यालय कि स्थिति इतनी बतर हो गया है कि बच्चे विद्यायल आने से डरते है क्योंकि उन्हें विद्यायल के पास जमे हुए पानी से होकर ही गुजरना पड़ता है।जब मै विद्यालय के हेडमास्टर से पूछा तो उन्होंने बताया कि २ अक्टूबर २०१८ को ही जल जमाव व ब्रिक सोलिंग का पंचायत मुखिया के द्वारा परियोजना के अन्तर्गत ले लिया गया है और मै मौखिक भी कई बार कह चुका हूं। जब मैंने पंचायत मुखिया को फोन कर स्थिति को जाना तो उन्होंने कहा कि आपके पास कोई है तो आप करवा दीजिए।मैंने कहा कि आपको बरसात से पहले पता था तो अपने क्यों नहीं करवाया, तो कहा बरसात। बाद हो जाएगा। सोचिए जहा देश का भविष्य पलता उसके भविष्य का क्या होगा? जहा पर गरीब परिवार के ही ज्यादा बच्चे पड़ते है ! सरकार इन सब बातों पर ध्यान क्यों नहीं देती हैं?

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