सरकार इनको यूक्रेन से मुंबई ले आई मगर??,रूस यूक्रेन के बीच युद्ध, और भारतीय संस्कार ।

  

लखनऊ,ब्यूरो, (संज्ञान न्यूज) | एक वीडियो देखा .. शायद 2019 के वक्त का था जब बाढ़ आई हुई थी.. महाराष्ट्र के सांगली इलाके का था। जहां सेना की रेस्क्यू टीम बाढ़ में फंसे लोगों को बोट के जरिये रेस्क्यू कर रही थी। इसी रेस्क्यू के दौरान जब कुछ लोगों को रेस्क्यू करके सेना सेफ स्थान की ओर ले जा रही थी तो उसी बोट में एक महिला बोट में सवार दो जवानों को डबडबाई आंखों लगभग रोते हुए और खुशी से भरे चेहरे से पैर छूकर आभार प्रकट कर रही थी। ये इतना भावुक दृश्य था कि उसे देखने वाले सभी जनों के आंख में आँसू आ गए थे.. वीडियो खूब वायरल हुआ था। एक ऐसे समय में जब सेना देवदूत बन कर आती है और उन्हें बचाती है तो आभार प्रकट करने के लिए उनके पास सिवाय पैर छूने के कुछ शेष नहीं बचता है। और जब महिला पैर छू रही होती है जवान उन्हें ऐसा करने से मना भी करता है।


आप उस महिला को देखेंगे तो उसमें आपको भारत नज़र आएगा.. कोई ज्यादा पढ़ी लिखी नहीं.. लेकिन इतना ज्ञान तो उनके अंदर है कि किन्हीं को किस प्रकार से आभार प्रकट कर सकें जब बात जान की आती हो।
वहीं आज भी एक वीडियो देखा जहाँ केंद्रीय मंत्री मुरुगन जी एयरपोर्ट के बाहर खड़े हैं उनके स्वागत के लिए जो यूक्रेन से सुरक्षित जान बचा कर वापिस अपने देश को आ रहे थे… गेट के बाहर मुरुगन जी सबको हाथ जोड़-जोड़ कर वेलकम कर रहे है और ये कथित पढ़े लिखे इंडियन बदले में अभिवादन स्वीकारना तो छोड़िए ढंग से देखते बिना बाहर निकल रहे थे.. बदले में हाथ जोड़ना तो छोड़ ही दीजिये…!! एक बाप के उम्र का आदमी आपको प्रणाम कर रहा है और ये कल को अंडे से फूटे सो कोल्ड एजुकेटेड डॉक्टर्स बदले में हाथ भी न उठा पा रहे है ??
एक सामान्य भारतीय संस्कार भी क्या कहता है ?? कोई शत्रु भी गर आपको प्रणाम कर रहा है तो आपको बदले में वहीं सम्मान किसी न किसी रूप में वापिस करना ही होता है। प्रणाम के बदले प्रणाम या फिर आशीर्वाद।।
लेकिन ये इतने ढीठ कि एक सामान्य भारतीय संस्कार ही घोल के पी गए चरस की भांति ???
यही लड़के वहां यूक्रेन में हम ऐसी हालत में है,हम ऐसे रह रहे है, हमें कोई मदद न मिल रही है,हम यहां छुपे बैठे है,पिलीज हमारी मदद करो,हमारी बात इंडियन गवर्नमेंट तक पहुँचाओ डॉट डॉट डॉट करके चीख चिल्ला रहे थे!! तो इंडियन गवर्नमेंट ने इसके लिए कुछ नहीं किया ?? चाहे तिरंगे को लेकर सेफ पासेज की बात हो, चाहे 6 घण्टे की सीजफायर की बात हो या फिर सेफ कॉरिडोर की बात हो… या इतने सारे फ्लाइट्स की बात हो.. चार-चार मंत्री वहाँ रह कर रेस्क्यू के काम को अंजाम देने की बात हो… इतना ही नहीं इनके भारत भूमि में वापिस लौटने के बाद स्वागत सत्कार की बात हो … लेकिन ये बदले में क्या दिए या दे रहे है ??


इनसे एक धन्यवाद के लिए वो भी सिर्फ बदले में ही हाथ तक न उठ रहे है!!
किनको इतना झाड़ पे चढ़ा रहे हम ?? और क्यों चढ़ा रहे है ??
इन संस्कारविहीन तू चियों का आवभगत तत्काल बंद हो… ये इसके बिल्कुल भी काबिल नहीं है।… सरकार का काम सेफली लाने का है/था बस वही होना चाहिए।
लेखक:-
डा0 उत्तम कुमार

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