खुशियों की अनुभूति और अनुगूंज से गुंजायमान हो उठा विश्व खुशी दिवस था आरजेएस वेबिनार।

आरजेएस फैमिली ने मुस्कुराने और खुश रहने-खुश रखने की शपथ ली ।

आजादी की अमृत गाथा-साठ में महापुरुषों और सेनानियों को श्रद्धांजलि दी गई

पंकज तयगी, गीता शर्मा

नई दिल्ली (संज्ञान न्यूज़ डेस्क )। “कहने को तो हर प्रभात, सुप्रभात है, ध्यान अपने पर आ जाए तो क्या बात है।”
“तन को भी कुछ वक्त देना चाहिए मन को तो हर वक्त देना चाहिए”
कविता और योगशक्ति की साक्षात प्रतिमूर्ति विश्व भारती योग संस्थान के संस्थापक निदेशक आचार्य प्रेम भाटिया ने विश्व खुशी दिवस पर आयोजित आरजेएस वेबिनार में बतौर मुख्य अतिथि पधार कर प्रतिभागियों को खुश रहने का मूल मंत्र बताया।

आजादी के श्रृंखलाबद्ध कार्यक्रमों के अंतर्गत आरजेएसपी टीजेएपीएस वेबीनार का साठवां अंक विश्व खुशी दिवस 20 मार्च2022 को आयोजित किया गया। इसका आयोजन अभीप्सा विशेष विद्यालय एवं पुनर्वास केंद्र पटना बिहार के सहयोग से राम जानकी संस्थान आरजेएस नई दिल्ली के राष्ट्रीय संयोजक उदय मन्ना और तपसिल जाति आदिवासी प्रकटन्न सैनिक कृषि विकास शिल्प केंद्र, गुंटेगिरी, हुगली ,पश्चिम बंगाल के सचिव सोमेन कोले के नेतृत्व में आयोजित किया गया।
डा सौरभ मालवीय उत्तर प्रदेश हैप्पीनेस कार्यक्रम के प्रभारी ने अध्यक्षीय संबोधन में खुशी पाने के लिए 23 घंटे में से एक घंटा शरीर को देने की बात कही। वहीं मुख्य वक्ता श्रवण कुमार शुक्ला, एससीईआरटी के सदस्य ने कहा की हाल ही में जारी हैप्पीनेस इंडेक्स में भारत 136वें स्थान पर है।बेहतर स्थान बनाने के लिए ऐसी शिक्षा चाहिए जो परंपरा में आए। आरजेएस सकारात्मक भारत उदय सूचना केंद्र पटना बिहार के प्रभारी डॉ ओम प्रकाश झुनझुनवाला ने प्रतिभागियों को मौन ध्यान योग उद्दीपन ऊर्जा का संगीतमय प्रैक्टिकल भी कराया।
वेबीनार का अभीप्सा विशेष विद्यालय सह पुनर्वास केंद्र पटना बिहार की सचिव सुमन कुमारी ने मंच संचालन और प्रधानाध्यापक वैभव भारद्वाज ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। आरजेएस फैमिली के सलाहकार प्रोफेसर बिजाॅन कुमार मिश्रा ने सभी को खुश रहने और खुश रखने की शपथ दिलाई। शिक्षाविद् डा अशोक कुमार ठाकुर,डा ए के मर्चेंट, बीना जैन, आरजेएस जमशेदपुर की प्रभारी डा पुष्कर बाला, दिल्ली के डा नरेंद्र टटेसर ,सुरजीत सिंह दीदेवार और गाजियाबाद के सुदीप साहू आदि ने विश्व खुशी दिवस का जोरदार समर्थन किया।
वेबिनार में होली, शबे बरात और विश्व गौरैया दिवस की चर्चा की गई। स्वतंत्रता सेनानियों और महापुरुषों को श्रद्धांजलि दी गई। इनमें मालती चौधरी, कल्पना चावला, सूर्य सेन, उस्ताद बिस्मिल्लाह खां, कर्नल गुरबख्श सिंह ढिल्लों, महादेवी वर्मा आदि प्रमुख रहे। आरजेएस पाॅजिटिव स्पीकर्स इशहाक खान, विजय लक्ष्मी,नरेश कौशिक और प्रियंका सिन्हा ने इनके प्रेरक जीवन से रूबरू कराया। वेबिनार में ओपनिंग रिमार्क्स प्रेम प्रभा झा ने
श्रीमद्भागवत गीता के श्लोकों से किया। वेबिनार में अनेक राज्यों से लोग जुड़े।
आचार्य प्रेम भाटिया ने कहा कि कि हर प्राणी खुशी चाहता है और मानव धर्म है खुश रहना और रखना । इसके लिए सही समझ जरूरी है क्योंकि समझ में बुद्धिमानी होती है।
वेबिनार में अध्यक्षीय संबोधन करते हुए डॉक्टर सौरभ मालवीय ने कहा कि जो खुशी हमारे भीतर है, उसे बाहर निकालने की जरूरत है ।खुशी अनुभूति है, अनुगूंज है जो हमारे जीवन के आचार विचार में समाहित है। हाथ का कंगन जितनी शोभा देता है ,उससे ज्यादा हमारा हाथ दाता की भूमिका में शोभायमान होता है । 1 घंटे शरीर को देना खुशी जीवन का मंत्र है। चाहे 23 घंटे अपने कार्यों के लिए दें । वहीं पर अतिथि वक्ता श्रवण कुमार शुक्ला ने कहा कि प्रकृति में मौजूद संसाधनों के साथ बेहतर संबंध रख कर जीना खुशी का सोपान है। स्नेह पूर्वक, ममता, प्यार, सम्मान ,कृतज्ञता और विश्वास के तालमेल से जीवन खुशियां देती हैं, जो देर तक टिकती हैं ।समझ कर जीवन जीना ,स्थाई खुशी देता है। हैप्पीनेस हमारी जन्मजात जरूरत है इसके बिना हम जी नहीं सकते।
वेबिनार के अंत में राष्ट्रीय संयोजक उदय मन्ना ने रविवार 27 मार्च को आजादी की‌ अमृत गाथा की समीक्षा बैठक में शामिल करने के लिए आरजेएस फैमिली को आमंत्रित किया। वहीं सभी अतिथियों और प्रतिभागियों की उपस्थिति में राष्ट्रीय संयोजक ने बताया कि आगामी विश्व स्वास्थ्य दिवस मीडिया कैंपेन और भारत-उदय यात्रा के बैनर का लोकार्पण सोमवार, 28 मार्च2022 को दिल्ली में किया जाएगा।

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