एक्शन में ब्रजेश पाठक: अस्पताल का हाल देख डिप्टी सीएम बोले- शर्मिंदा हूं…लाइन में पांच सौ लोग और पर्चा बना रहा एक आदमी

पाठक ने एक टोटी खोलकर दो-तीन घूंट पानी पिया और सीएमएस से बोले कि यह आरओ तो चल ही नहीं रहा है। उन्होंने अंदर झांकते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि सालों से इसका दरवाजा नहीं खुला। इस पर सीएमएस बगले झांकते नजर आए। डिप्टी सीएम ने इसे तत्काल ठीक कराने की बात कही।

रवि शुक्ला

बाराबंकी (संज्ञान दृष्टि) समय करीब दोपहर के 12 बजे… करीब छह फीट लंबा, पैंट शर्ट पहने व मुंह में मास्क लगाए एक व्यक्ति जिला अस्पताल में पर्चा बनवाने के लिए लाइन में लग गया। करीब 10 मिनट बाद उसका नंबर आया और खिड़की से झांकते हुए पर्चा बनाने वाले कर्मचारी ने पूछा, क्या नाम है। उत्तर में वह लंबा चौड़ा व्यक्ति बोला.. ब्रजेश पाठक…। यह शब्द सुनते ही कर्मचारी ने उन्हे गौर से देखा और दंग रह गया। क्योंकि सामने सूबे के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक खड़े थे। सोमवार को डिप्टी सीएम जिला अस्पताल का निरीक्षण करने बिना बताए पहुंच गए थे। लंबी लाइन देखकर डिप्टी सीएम सीएमएस डॉ. ब्रजेश कुुुमार सिंह से बोले कि, शर्मिंदा हूं… एक आदमी पर्चा बना रहा है। 500 लोग लाइन में लगे हैं। ये जनता क्यों खड़ी है… यह पीड़ा किसकी है। इस दौरान उन्होंने पूरे अस्पताल का निरीक्षण किया। उन्हे दीवालों पर मकड़ी के जाले मिले, कोविड हेल्प डेस्क में कबाड़ भरा मिला। आरओ प्लांट खराब मिला। अल्ट्रासाउंड भी नहीं हो रहा था। इस पर उन्होंने सीएमएस को चेतावनी देते हुए एक सप्ताह में सुधार की बात कही।


दोपहर करीब 12 बजे डिप्टी सीएम अपने निजी वाहन से पहुंचे। उन्होंने वाहन को अस्पताल से करीब 300 मीटर दूरी पर खड़ा करवाकर बिना सुरक्षाकर्मी लिए पैदल ही अस्पताल में दाखिल हुए। पर्चा बनवाने में वाली लाइन में लगने के बाद 10 मिनट तक वहां का हालचाल लेते रहे। इस दौरान जब सीएमएस ब्रजेश सिंह को भनक लगी तो वह दौड़ते हुए डिप्टी सीएम के पास पहुंचे। डिप्टी सीएम ओपीडी के बरामदे में दीवारों पर जमा धूल व मकड़ी के जाले को देखकर भड़क गए। उन्होंने सीएमएस को फटकार लगाते हुए कहा कि इसे तत्काल साफ करवाएं। थोड़ा आगे बढ़े तो उन्हे कोविड हेल्प डेस्क मिली। उसका दरवाजा बंद था और अंदर कबाड़ भरा था। इस पर डिप्टी सीएम पाठक ने सीएमएस से दो टूक शब्दों में कहा कि यह नहीं चलेगा। सुधार की बहुत जरूरत है। निरीक्षण करते हुए डिप्टी सीएम अस्पताल परिसर में लगे वाटर प्लांट पर पहुंच गए। दो में एक चल रही थी। पाठक ने एक टोटी खोलकर दो-तीन घूंट पानी पिया और सीएमएस से बोले कि यह आरओ तो चल ही नहीं रहा है। उन्होंने अंदर झांकते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि सालों से इसका दरवाजा नहीं खुला। इस पर सीएमएस बगले झांकते नजर आए। डिप्टी सीएम ने इसे तत्काल ठीक कराने की बात कही।

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