रायबरेली: सरकारी अस्पताल में धूल व गंदगी देख भड़के डिप्टी सीएम, सीएचसी अधीक्षक को लगाई फटकार, मरीजों से की बात

रायबरेली (संज्ञान न्यूज़ डेस्क) स्थान सीएचसी बछरावां, दिन सोमवार और समय दोपहर 12.10 बजे। पर्चा बनवाने के लिए कड़ी धूप में लाइन लगाए रोगी और तीमारदार, परिसर में गंदगी का अंबार, रोज की तरह मनमाने तरीके से होता कामकाज। कोई एसी में बैठकर आराम कर रहा था तो कोई स्वास्थ्यकर्मी मोबाइल पर बात कर रहा था। अचानक प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक सीएचसी में दाखिल हुए और पर्चा बनवाकर अंदर प्रवेश किया तो उनको चारों तरफ अव्यवस्था दिखाई दी। कहीं जाला लगा था तो कहीं गंदगी का अंबार।

उपकरणों में धूल जमा थी। यह सब देखकर डिप्टी सीएम का पारा चढ़ गया। उन्होंने अधीक्षक से लेकर डॉक्टरों तक को जमकर फटकार लगाई। पहले तो लोग समझ नहीं पाए कि कौन हैं, लेकिन कुछ लोगों ने पहचाना तो हड़कंप मच गया। करीब 30 मिनट तक रुके डिप्टी सीएम ने सभी को सुधरने की चेतावनी दी और कहा कि जनता की सेवा करना सभी का कर्तव्य है। इनकी सेवा में लापरवाही पर किसी को बख्शा नहीं जाएगा।

सीएचसी बछरावां में डिप्टी सीएम को डेंटल कक्ष में उपकरणों पर धूल जमी मिली, तो अधीक्षक के सामने हाथ जोड़कर बोले- कपड़ा लाओ हम ही सफाई कर देते हैं। वह सीएचसी अधीक्षक डॉ. एके जैसल के कक्ष में पहुंचे। रजिस्टर में उपस्थिति देखी। कई स्टाफ के गैरहाजिर मिलने पर अधीक्षक को फटकार लगाई। बोले-यहां डॉक्टर एसी में बैठे हैं। पर्चा बनवाने के लिए मरीज कड़ी धूप में लाइन लगाए घंटों खड़े रहते हैं। इस अव्यवस्था को दूर करने के लिए पर्चा बनाने वाले कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई जाए, जिससे पर्चा बनवाने में लाइन न लगाना पड़े। साथ ही बाहर पंखा लगवाने के आदेश दिए।

डिप्टी सीएम ने अधीक्षक से सभी कर्मचारियों की सूची के साथ लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों की लिस्ट भेजने के आदेश दिए। कहा इन पर कार्रवाई की जाएगी। दंत चिकित्सक कक्ष पहुंचे, जहां दंत चिकित्सक डॉ. शिखा गौतम छुट्टी पर थीं। डेंटल हाइजीनिस्ट मनोज टंडन कक्ष पर मौजूद थे। कई जगह पान की पीक मिलने और गंदगी को देखकर डिप्टी सीएम ने कड़ी नाराजगी जताई और कहा कि कपड़ा लाइए मैं खुद गंदगी साफ कर देता हूं।

डिप्टी सीएम एक्स-रे रूम पहुंचे। यहां पांच मरीज थे। डिप्टी सीएम ने दाहिने पैर का एक्सरा कराने आई बछरावां कस्बे की तारावती से पूछा-कोई समस्या तो नहीं है। वह बोली-नहीं। इसके अतिरिक्त ओपीडी, ड्रेसिंग रूम, दवा वितरण कक्ष, वार्ड का निरीक्षण किया। अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था यहां पर न होने से डिप्टी सीएम ने सीएचसी अधीक्षक से अल्ट्रासाउंड मशीन का इस्टीमेट तैयार करके फाइल भेजने के आदेश दिए। दवा वितरण कक्ष में पर्चा बनवाने के काउंटर के बाहर पंखे की व्यवस्था की जाए।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर महिला से बातचीत करते ब्रजेश पाठक 

रोगियों का हाल जाना, जांच न करने पर डांटा

डिप्टी सीएम को गेट पर ही एक महिला चैनल के सहारे बैठी मिली। पूछा-कैसे बैठी हो बिटिया, दवाई मिल गई, बाहर से तो दवा नहीं मिली। आगे बढ़े तो एक बुजुर्ग ने डिप्टी सीएम को बताया कि डॉक्टर देखिन, दवा दिहिन, जांच बाहर से लिखिन हैं। खांसी से ग्रसित बुजुर्ग की बात को सुनकर डिप्टी सीएम ने अधीक्षक की क्लास ली। बोले-जब अस्पताल में जांचें उपलब्ध हैं तो बाजार से क्यों कराई जा रही हैं। तुरंत बाबा की जांच कराओ। पीने के पानी की व्यवस्था को चेक करने के लिए टोटी चलाकर पानी की गुणवत्ता की जांच की। गेट पर स्ट्रेचर मिलने पर वार्ड ब्वाय को ठीक से स्ट्रेचर रखने के निर्देश दिए।

दो सौ मीटर पहले रोक दिया काफिला, अकेले लिया स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा
सीएचसी से करीब 200 मीटर दूर पहले महराजगंज रोड पर सैय्यद बाबा मोड़ के निकट अपना लाव लश्कर छोड़कर डिप्टी सीएम पैदल ही सीएचसी पहुंचे। नई बील्डिंग में पहुंचे, लेकिन पुरानी बील्डिंग में परचा बनने की जानकारी मिलने पर वे लाइन में कड़ी धूप में करीब पांच मिनट खड़े होकर अपने नाम का पर्चा बनवाया। पर्चा बनवाने के बाद अस्पताल का भ्रमण किया।

डॉक्टर साहब बैठ जाओ, करतूत मत छुपाओ..
डिप्टी सीएम का परचा काउंटर पर पर्चा बनवाने का नंबर आया तो कर्मचारी मोबाइल पर बात करने लगा। अधीक्षक कक्ष में घुसे तो अधीक्षक उपस्थिति रजिस्टर को अपडेट करते पकड़े गए। डिप्टी सीएम बोले- डॉक्टर साहब क्या लिख रहे थे…। रजिस्टर में क्या कर रहे थे। यह गलत बात है, यह पन्ना कैसे फटा है। डॉक्टर साहब बैठ जाओ, करतूत मत छुपाओ..। स्टाफ से कहो कि काम के समय मोबाइल से बात नहीं किया करें।

अधीक्षक ने हाथ जोड़ा तो डिप्टी सीएम ने नसीहत दी
डिप्टी सीएम निरीक्षण के बाद वापस जाने के लिए सीएचसी के गेट पर पहुंचे तो खामियों से घबराए अधीक्षक डॉ. एके जैसल ने हाथ जोड़े। इस पर डिप्टी सीएम ने अधीक्षक का हाथ पकड़कर उनका हौसला बढ़ाया। डिप्टी सीएम बोले-हम सबको मिलकर काम करना है। सरकार से मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं का पूरा लाभ मरीजों को दिलाएं। पानी की व्यवस्था ठीक रखें। मरीजों को अस्पताल से दवा व जांच की व्यवस्था कराएं। परिसर में सफाई जरूर रखी जाए। मरीज भगवान हैं। इन्हीं की वजह से हम आप यहां हैं। नसीहत देने के बाद डिप्टी सीएम चले गए।

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