डी डी यू हॉस्पिटल में मनाया गया अंतरराष्ट्रीय नर्स डे

कोरोना वार्ड से लेकर वैक्सीनेशन तक डटी हैं नर्स हर अभियान में देश की ताकत बनीं इन सिस्टर दीदी को सलाम

संज्ञान न्यूज़ टीम

  • दिल्ली (संज्ञान न्यूज़ डेस्क) हर साल 12 मई को अंतरराष्ट्रीय नर्स डे ब्रिटिश नर्स और समाज सुधारक, फ्लोरेंस नाइटिंगेल के सम्मान में मनाया जाता है, जिन्होंने स्वास्थ्य क्षेत्र के सुधार के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया था इसी को देखते हुए दिल्ली के डीडीयू हॉस्पिटल में नंद लाल चैयरमेन डी एन ओ ओर विजयपाल प्रेसिडेंट डी एन ओ द्वारा अंतरराष्ट्रीय नर्स डे बनाया गया। इस कार्यक्रम का आगाज किया गया। जहाँ मुख्य अतिथि डीडीयू हॉस्पिटल के एमडी बीएल चौधरी, एमएस सरोज नगर नर्सिंग सुप्रिडेंट, डी एम एस डॉक्टर मनोज टोटिया, नर्सिंग सुप्रिडेंट सरोज नगर, महावीर कस्वान , अजित चौधरी, राकेश कुमार, राजेश मीना, हंसराज, सुखदेव चौधरी, सुनीता चौधरी और अंजू अरोड़ा सीनियर नर्सिंग ऑफिसर ओर कई अन्य नर्स मौजूद रही। खासकर कि कोरोना काल में जिस तरह से नर्सेज ने फ्रंट पर रहकर मोर्चा संभाला है, उसके बाद उन्हें मेडिकल क्षेत्र के योद्धा कहना कोई अतिश्योक्ति नहीं है.
  • अपनी जान की परवाह किए बिना हमारी नर्सेज दिन-रात कोविड-19 वार्ड्स में ड्यूटी करती रहीं. कई-कई हफ्तों तक अपने घर भी नहीं जा सकीं और अपनों से दूर रहकर लोगों की सेवा की ताकि वे अपने परिवार के पास सुरक्षित लौटें. इसी को देखते हुए इस उपलक्ष्य पर नुर्सो ने डांस करके अपनी कला को दिखाया उन्होंने यह बताया कि लड़कियां भी किसी से कम नही है। आज ऐसी ही कुछ ‘सिस्टर दीदी’ की कहानी हम आपको बता रहे हैं, जिन्होंने अपनी ड्यूटी से बढ़कर लोगों की सेवा की डी डी यू की सीनियर नर्सिंग ऑफिसर ओर उनकी सभी नर्स ने कोरोना काल में भी ड्यूटी की थी. . कोविड-19 की दूसरी लहर के दौरान वह संक्रमित थीं ठीक होने के बाद फिर भी उन्होंने अपनी ड्यूटी पूरी की क्योंकि उस समय देश को अपने नर्सिंग ऑफिसर की जरूरत थी. मीडिया को सुनीता ओर अंजू ने बताया कि हर महीने सात दिनों के लिए, वह COVID वार्ड में ड्यूटी करती थीं और उसके बाद सात दिनों तक उन्हें क्वारंटाइन में रहना पड़ता था. इसके बाद उन्हें एक दिन का अंतराल मिलता और वह अगले 14 दिनों के लिए कोविड वार्ड में काम करतीं. इस दौरान वह अपने परिवार से ज्यादातर दूर ही रहीं. घर जाती तो भी एक अलग कमरे में रहती थीं ताकि उनका परिवार सुरक्षित रहे. पर एक दिन के लिए भी वह अपनी ड्यूटी से पीछे नहीं हटीं।

कोरोना जैसी तीसरी लहर में सतिंदर हंस ए एन एस डी डी यू हॉस्पिटल में 30 अप्रैल 2021 में मरीजों को बचाते हुए अपनी जान गवा दी कुछ महीने पहले ही उन पर कोविड-19 से जूझ रह मरीजों की देखभाल करने की जिम्मेदारी आ गई. इसी बीच डीडीयू हॉस्पिटल के एमडी बीएल चौधरी, एमएस सरोज नगर नर्सिंग सुप्रिडेंट ने अपने स्टाफ की तारीफ की साथ ही दिल्ली सरकार द्वारा कोरोना से आने वाली चौथी लहर से अपने स्टाफ ओर मरीजो को बचाने के लिए उपाय बताए। तो वही आपको बता दे कार्यक्रम के अंत मे एमएस सरोज नगर नर्सिंग सुप्रिडेंट ने अपने सभी नर्स स्टाफ की जमकर सराहना की साथ ही उन्होंने कहा कि अगर किसी भी नर्स को कोई समस्या होती है तो तुरंत मुझसे मिले, कार्यक्रम के अंत मे सभी नर्स स्टाफ को ट्रॉफी ओर सर्टिफिकेट से डीडीयू हॉस्पिटल के एमडी बीएल चौधरी द्वारा सम्मानित किया गया।

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