बिहार के बिजली उपभोक्‍ताओं के लिए बड़ी खुशखबरी, छोटे शहरों और गांवों में भी पावर कट से मिलेगा छुटकारा

पटना। बिहार के बिजली उपभोक्‍ताओं के लिए एक और बड़ी खुशखबरी है। पटना जिले के बाढ़ स्थित एनटीपीसी के स्टेज-1 की 660 मेगावाट वाली दूसरी यूनिट का बायलर लाइट अप टेस्ट शनिवार को सफलता पूर्वक पूरा हो गया। वित्तीय वर्ष 2022-23 में ही इस यूनिट से व्यावसायिक उत्पादन आरंभ हो जाएगा। इस यूनिट से बिहार को 402 मेगावाट बिजली मिलेगी। इसके बाद बिहार में बिजली की उपलब्‍धता और अधिक बढ़ जाएगी। इससे छोटे शहरों और गांवों में भी पावर कट से लोगों को निजात मिलेगी। पिछले पांच से छह वर्षों में बिहार में बिजली की उपलब्‍धता लगातार सुधरी है। 

बिहार के बिजली उपभोक्‍ताओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। राजधानी पटना की तरह ही छोटे शहरों और गांवों में भी लोगों को पावर कट से छुटकारा मिलने वाला है। ऐसा होगा बाढ़ एनटीपीसी की नई यूनिटों के चालू होने से।

2021 से ही बाढ़ एनटीपीसी से मिल रही बिजली 

इस प्रोजेक्ट के संबंध में बाढ़ एनटीपीसी के मुख्य महाप्रबंधक ने जानकारी दी कि नवंबर 2021 से ही स्टेज-1 की पहली यूनिट से बिहार को बिजली आपूर्ति हो रही है। दूसरी यूनिट के व्यावसायिक उत्पादन आरंभ हो जाने के बाद आपूर्ति और अधिक हो जाएगी। यहां 660 मेगावाट की तीन यूनिट से 1980 मेगावाट का उत्पादन हो रहा है। स्टेज-2 की यूनिट 4 और 5 से 2014 में ही शुरू हो चुका है। स्टेज-1 की पहली यूनिट नंवबर 2021 से उत्पादन में है। 

  • एनटीपीसी बाढ़ के स्टेज-1 की 660 मेगावाट की दूसरी यूनिट का परीक्षण पूरा
  • बिहार को मिलेगी इस यूनिट से 402 मेगावाट बिजली
  • वित्तीय वर्ष 2022-23 में ही इस यूनिट से बिजली मिलने लगेगी

एनटीपीसी से बिहार को मिल रही 5361 मेगावाट बिजली 

बाढ़ के स्टेज-2 यूनिट की 90.8 प्रतिशत बिजली तथा स्टेज-1 की यूनिट से 60.91 प्रतिशत बिजली बिहार को आवंटित है। वर्तमान में एनटीपीसी से बिहार को 5361 मेगावाट बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। लाइट अप टेस्ट सफल रहने पर एनटीपीसी पूर्वी क्षेत्र-1 के क्षेत्रीय कार्यकारी निदेशक शीतल कुमार  व मुख्य महाप्रबंधक असित दत्ता ने बाढ़ एनटीपीसी टीम को बधाई दी है। औरंगाबाद के नबीनगर प्‍लांट से भी बिजली की उपलब्‍धता बढ़ी है। दूसरी तरफ, बक्‍सर के चौसा में भी ताप विद्युत गृह का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है।

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