आयुक्त कार्यालय सभाकक्ष में अनुसूचित जाति के कल्याण एवं विकास हेतु की गई समीक्षात्मक बैठक

संवाददाता: रज़ा सिद्दीक़ी

गया (संज्ञान न्यूज़) डॉ मंजू बाला, माननीय सदस्या, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग, नई दिल्ली की अध्यक्षता में आयुक्त कार्यालय सभाकक्ष में मगध प्रमंडल अंतर्गत अनुसूचित जाति के कल्याण एवं विकास हेतु संचालित योजनाओं की समीक्षात्मक बैठक की गई। उक्त बैठक में आयुक्त मगध प्रमंडल, पुलिस महा निरीक्षक मगध प्रक्षेत्र, ज़िला पदाधिकारी गया/ जहानाबाद/ औरंगाबाद/ नवादा, पुलिस अधीक्षक गया/ नवादा/ अरवल/जहानाबाद/ औरंगाबाद, मगध प्रमंडलीय सभी उप विकास आयुक्त उपस्थित थे।
सर्वप्रथम आयुक्त मगध प्रमंडल तथा पुलिस महा निरीक्षक गया द्वारा डॉक्टर मंजू बाला, माननीय सदस्या राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग नई दिल्ली का पुष्पगुच्छ देकर उनका स्वागत किया गया।


माननीय सदस्या द्वारा बैठक में उपस्थित सभी प्रमंडल स्तरीय पदाधिकारियों तथा जिला स्तरीय पदाधिकारियों को अनुसूचित जाति के सर्वांगीण विकास एवं कल्याण हेतु सरकार द्वारा संचालित की जा रही योजनाओं को जमीनी स्तर पर क्रियान्वित कराए जाने तथा समय-समय पर उसकी समीक्षा किए जाने संबंधित निर्देश दिए हैं। उनके द्वारा बताया गया कि सभी पदाधिकारी यह आश्वस्त रहे कि राज्य सरकार एवं केंद्र सरकार के अनुसूचित जाति के लिए चलाए जा रहे योजनाओं का क्रियान्वयन सही ढंग से हो रहा है या नहीं इसकी निरंतर फील्ड विजिट कर जांच करते रहें।
माननीय सदस्य के द्वारा राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के माध्यम से प्रमंडल स्तरीय क्रियान्वित योजनाओं की समीक्षा हेतु पूर्व से निर्धारित एजेंडा वार समीक्षा की। शिक्षा संबंधी आंकड़ों का अवलोकन किया गया। अवलोकन के क्रम में अनुसूचित जाति के छात्र-छात्राओं का प्राथमिक तथा माध्यमिक कक्षाओं में वर्षा वार अध्ययनरत होने संबंधी आंकड़ों पर पुनः जांच करवाने हेतु आयुक्त मगध प्रमंडल को निर्देश दिया गया। उन्होंने आयुक्त मगध प्रमंडल को निर्देश दिया कि सभी जिलों के शिक्षा संबंधी आंकड़े जिसमें अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों की संख्या में स्पष्टता हो, से संबंधित जांच करते हुए प्रतिवेदन उपलब्ध करावे।
प्रधानमंत्री आवास योजना के समीक्षा के दौरान प्रमंडलीय स्तरीय प्रतिवेदन अवलोकन किया गया।

उप विकास आयुक्त अरवल से वित्तीय वर्ष 2020-21 में कुल आवंटित आवासों की संख्या शून्य होने के कारण असंतोष प्रकट किया। जिस पर उप विकास आयुक्त अरवल द्वारा बैठक में उपस्थित माननीय सदस्यों को यह बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2020 -21 में संपूर्ण बिहार राज्य को इस मद में आवंटन प्राप्त नहीं होने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। वर्तमान में सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्य के आलोक में उक्त योजना का क्रियान्वयन समुचित तरीके से कराया जा रहा है।
बैठक में आयुक्त मगध प्रमंडल द्वारा बताया गया कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में अधिक संख्या में अनुसूचित जाति के लोगो को आवास योजना का लाभ दिलाया जा रहा है। इसके लिए महादलित टोला के साथ-साथ सुदूरवर्ती क्षेत्र में पदाधिकारियों द्वारा टोलो का जांच भी कराया जा रहा है तथा वैसे समुदाय के लोगों को चिन्हित करते हुए उन्हें आवास योजना का लाभ पहुंचाया जा रहा है।
नेशनल रूरल हेल्थ मिशन एजेंडा के समीक्षा के दौरान जननी सुरक्षा हेतु सरकार द्वारा संचालित की जा रही योजनाओं के क्रियान्वयन पर विशेष अभिरुचि लेकर जमीनी स्तर पर योजनाओं को सफलतापूर्वक संचालित कराने का निर्देश सभी सिविल सर्जन को दिया गया है। साथ ही राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के मुख्य लक्ष्य के बारे में जानकारी देते हुए यह बताया गया कि सरकार इस योजना को आम जन के स्वास्थ्य के गुणवत्तापूर्ण सुधार एवं इलाज हेतु क्रियान्वित कर रही है। उन्होंने सभी सिविल सर्जन को स्पष्ट निर्देश दिया कि अपने-अपने जिलों में स्वास्थ्य संबंधित नियमित रूप से बैठक करते रहें।
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना, मुद्रा ऋण, शिक्षा ऋण, स्टार्टअप इंडिया ऋण तथा स्टैंडर्ड योजना ऋण, प्रधानमंत्री जनधन योजना आदि एजेंडा के समीक्षा हेतु प्रमंडल स्तरीय प्रतिवेदन का अवलोकन करते हुए प्राप्त प्रतिवेदन में अनुसूचित जाति के लाभार्थियों की संख्या में अनुपातिक कम होने पर असंतोष प्रकट किया। इस संबंध में आयुक्त मगध प्रमंडल के द्वारा अग्रिम बैंक प्रबंधक गया को नोडल पदाधिकारी के रूप में नामित करते हुए निर्देश दिया कि प्रमंडल अंतर्गत सभी जिला के अग्रणी बैंक प्रबंधक को की बैठक आयोजित की जाए तथा इस संबंध में स्पष्ट आंकड़ा उपलब्ध कराया जाए कि कुल कितने आवेदकों के द्वारा ऋण हेतु संबंधित बैंकों को आवेदन किया गया है, कितने आवेदकों के आवेदनों को बैंक द्वारा ऋण स्वीकृत किया गया है, कितने आवेदकों के आवेदन को अस्वीकृत किया गया है तथा अंतिम रूप से कितने आवेदकों के खाते में स्वीकृत ऋण की राशि भेजी गई है।
इसके साथ ही उन्होंने सभी जिला पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि अपने-अपने जिलों में बैंकों द्वारा आम जन को प्राप्त आवेदन के विरुद्ध लोन उपलब्ध कराने संबंधी नियमित बैठक करें।


भूमि आवंटन संबंधी एजेंडा के समीक्षा के दौरान प्रमंडल स्तरीय वर्षवार प्रतिवेदन का समीक्षा किया गया। समीक्षा के क्रम में मगध प्रमंडल अंतर्गत सभी जिलों के अपर समाहर्ता राजस्व को निर्देश दिया कि अपने-अपने जिला अंतर्गत आंकड़ा संकलित करे की जिला में कुल कितने वास विहीन परिवार हैं, कितने वास विहीन परिवारों को प्रशासन के द्वारा भूमि का वासगीत पर्चा निर्गत किया गया है। यदि कहीं भूमि दखली का मामला हो तो अभिलंब पुलिस प्रशासन का सहयोग प्राप्त कर संबंधित पीड़ित को कब्जा दिलवाया जाए।
अपर समाहर्ता गया द्वारा बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2022- 23 में जिला प्रशासन की तरफ से कुल 1516 वास विहीन परिवारों को भूमि का पर्चा निर्गत किया गया है। माननीय सदस्या के द्वारा प्रमंडल स्तरीय सभी जिलो के अपर समाहर्ताओं को निर्देश दिया कि भूमि के बेदखली, अवैध कब्जा तथा वासहीन परिवारों को भूमि पर्चा निर्गत किए जाने की दिशा में तत्परता से स्वयं अभिरुचि लेकर योजना क्रियान्वित की जाए। विशेष करके यदि आवेदक अनुसूचित जाति का हो तो इसे गंभीरतापूर्वक लेते हुए अविलंब उस समुदाय अथवा व्यक्ति को लाभान्वित कराया जाए।
इसके उपरांत महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना का समीक्षा की गई। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2019 से लेकर 2022 तक कुल निर्गत जॉब कार्ड, पारिश्रमिक की संख्या, पारिश्रमिको द्वारा समयाधीन लिए गए कार्यों का आंकड़ा एवं अनुसूचित जाति के लाभुकों की संख्या इत्यादि के संबंध में समीक्षा की गई। बैठक में आयोग द्वारा प्रमंडल के सभी जिला पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि अपने-अपने जिला अंतर्गत कुल जनसंख्या के अनुपात में अनुसूचित जाति की जनसंख्या के आलोक में मनरेगा योजना के तहत लाभुकों की संख्या अपेक्षित है।
इसके उपरांत प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की समीक्षा की गई।
अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत जिला एवं अनुमंडल स्तरीय सतर्कता एवं अनुश्रवण समिति की बैठक का आयोजन ससमय कराए जाने हेतु सभी जिला पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है। उन्होंने सभी पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिया है कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत हत्या, बलात्कार, सामूहिक बलात्कार अथवा आगजनी जैसे गंभीर प्रवृत्ति के मामलों में स्पीडी ट्रायल चलाते हुए दोस सिद्धि कराया जाए साथ ही पीड़ित या पीड़िता के आश्रितों को ससमय राहत राशि तथा सरकार द्वारा उपलब्ध कराए जाने वाले समुचित सुविधाओं से लाभान्वित कराया जाए।
इसके उपरांत अन्य विभिन्न केंद्र सरकार तथा राज्य सरकार की योजनाओं पर विचार विमर्श किए गए।
बैठक में मगध प्रमंडल के सभी जिला पदाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, सभी उप विकास आयुक्त, सभी अपर समाहर्ता राजस्व, सभी सिविल सर्जन, सभी जिला शिक्षा पदाधिकारी सहित अन्य विभागीय पदाधिकारी उपस्थित थे।

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