खीरी पहुंची नोडल, अफसरों से जानी बाढ़ की विभीषिका से निपटने की रणनीति, दिए निर्देश

नोडल अफसर ने की अफसरों संग बैठक

लखीमपुर खीरी 20 अक्टूबर। गुरुवार की सुबह शासन से नामित जिले की नोडल अधिकारी, आयुक्त राज्यकर उप्र मिनिस्ती एस (वरिष्ठ आईएएस अधिकारी) जनपद खीरी पहुंची, उनके आगमन पर डीएम महेंद्र बहादुर सिंह व सीडीओ अनिल कुमार सिंह ने पुष्पगुच्छ देकर उनका स्वागत किया।

सर्वप्रथम नोडल अधिकारी कलेक्ट्रेट स्थित लोक निर्माण विभाग के निरीक्षण भवन पहुंची, जहां उन्होंने बाढ़ राहत, बचाव कार्यों की अफसरों संग गहन समीक्षा की, संबंधित को जरूरी निर्देश दिए। नोडल ने अफसरों से बाढ़ में किए गए प्रयासों एवं पहुंचाई गई राहत जानी। बाढ़ में उत्पन्न चुनौतिया, उनसे निपटने की प्रशासनिक रणनीति जानी। बैठक का संचालन सीडीओ अनिल कुमार सिंह ने किया।

नोडल के पूछने पर डीएम महेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि जिला इमरजेंसी एवं ऑपरेशन सेंटर कंट्रोल रूम (24×7) तीन शिफ्टों में संचालित है। साफ सफाई, ब्लीचिंग छिड़काव के लिए डीपीआरओ दफ्तर में कंट्रोल रूम संचालित है। बाढ़ के दौरान जनपद में कोई भी जनहानि, पशु हानि नहीं हुई। तहसीलवार बाढ़ की विभीषिका से प्रभावित गांवो में राहत-बचाव कार्यों की जानकारी देकर नक्शे पर शारदा-घाघरा नदियों सहित जिले में बाढ़ की विभीषिका को रेखांकित किया। बाढ़ पूर्व ही मॉक ड्रिल का आयोजन भी हुआ। सीडीओ अनिल कुमार सिंह ने बाढ़ की विभीषिका से निपटने के लिए प्रशासनिक प्रयासों को रेखांकित किया।

एडीएम संजय कुमार सिंह ने बताया कि बाढ़ से हुए नुकसान का प्लॉट टू प्लॉट सर्वे प्रगति पर है। बाढ़ से प्रभावित हुई कृषि भूमि का सर्वे भी प्रक्रियाधीन है। प्रशासन का पूरा प्रयास है कि कोई भी प्रभावित व्यक्ति लाभ पाने से वंचित न रहे। एनडीआरएफ एवं पीएसी बटालियन कैंप करके बाढ़ बचाव एवं राहत कार्य संपादित किए।

सीएमओ डॉ अरुणेंद्र त्रिपाठी ने प्रभावित क्षेत्रों में हेल्थ कैंपों की क्रियाशीलता बताई। प्रभावित गांव में नाव के जरिए भी टीमो ने जरूरी दवा पहुंचाई। सभी गांव में मेडिकल टीमें जाकर न केवल मेडिकल कैंप लगा रही हैं बल्कि उन्हें जरूरी परामर्श देकर अनुमन्य दवाएं निशुल्क उपलब्ध करा रही। नोडल के पूछने पर उन्होंने मेडिकल कैंपों में एंटी वेनम की उपलब्धता बताइ। उन्होंने ओआरएस पैकेट क्लोरीन टेबलेट सहित चिकित्सा विभाग की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में किए गए प्रयासों का जिक्र किया।

अधिशासी अभियंता (बाढ़ खंड) राजीव कुमार ने बाढ़ से पूर्व सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग द्वारा किए गए बाढ़ बचाव एवं सुरक्षात्मक कार्य बताएं। बाढ़ से पूर्व की तैयारियों एवं बाढ़ के दौरान उत्पन्न चुनौतियों से निपटने सहित भविष्य की कार्ययोजना पर अपना प्रेजेंटेशन दिया। बाढ़ के दौरान नदियों का जलस्तर एवं हुई वर्षा एवं अतिवृष्टि के संबंध में भी जानकारी दी। सीवीओ डॉ जगदीश सिंह ने पशु राहत चिकित्सा कैंप सहित बाढ़ ग्रस्त इलाकों में पशुओं को राहत पहुंचाने के लिए किये कार्य बताए।

डीपीआरओ सौम्यशील ने बताया कि शासन के निर्देश पर 15 अक्टूबर से सभी बाढ़ग्रस्त सभी ग्राम पंचायतों में साफ सफाई एवं छिड़काव कार्य युद्धस्तर पर संचालित है, जिसके लिए जिला स्तर एवं ब्लाक स्तर पर कंट्रोल रूम संचालित हैं। सफाई कर्मियों की रोस्टर वार ड्यूटी लगाई है, जिनके फोटोग्राफ्स नियमित विभाग की वेबसाइट पर अपलोड किए जा रहे। हाल ही में राज्य स्तर से जिले ने तीसरा स्थान प्राप्त किया है।

बैठक में डीएम महेंद्र बहादुर सिंह, सीडीओ अनिल कुमार सिंह, सीएमओ डॉ अरुणेंद्र त्रिपाठी, एडीएम संजय कुमार सिंह, सीवीओ डॉ जगदीश सिंह, एक्शईएन (बाढ़ खंड) राजीव कुमार, एक्सईएन सिंचाई राम बहादुर, डीपीआरओ सौम्यसील सिंह, एसीएमओ अश्विनी समेत सभी संबंधित अधिकारी मौजूद रहे

Leave a Reply

You may have missed

%d bloggers like this: