UPPSC की पीसीएस 2021 की परीक्षा के रिजल्ट में भारतीय सूचना सेवा के रिटायर्ड ऑफिसर की बेटी ने भी बाजी मारी

  • छठे प्रयास में डिप्टी कलेक्टर बनी अंजली का सीधे आईएएस बनने का सपना अभी भी बरकरार
  • पीसीएस परीक्षा में अंजली सिंह को ओवरआल 15वीं रैंक और लड़कियों में पांचवी रैंक मिली
    -अंजली सिंह ने PCS की परीक्षा में SDM की रैंक हासिल की
  • पहले प्रयास में 2016 बैच में ही नायब तहसीलदार के पद पर सेलेक्शन हुआ था, लेकिन ज्वाइन नहीं किया था
  • भारत सरकार की सूचना सेवा के रिटायर्ड आईआईएस ऑफिसर अरिमर्दन सिंह की बेटी हैं अंजली सिंह
  • मूलतः फतेहपुर के धाता ब्लॉक के हरदवां गांव के निवासी हैं अरिमर्दन सिंह
  • बेटी अंजली सिंह की कामयाबी से परिजनों सहित पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर

लखनऊ: फतेहपुर जनपद के धाता विकास खण्ड क्षेत्र में आने वाले हरदवा गांव की अंजली आज क्षेत्र की लड़कियों की आइकॉन बन गई। वर्ष २०२१ बैच का परिणाम उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने घोषित किया तो अंजली उसमें १५वें व लड़कियों में पांचवा स्थान हासिल कर लिया। परिणाम घोषित होते ही चारो तरफ बधाइयों का तांता लग गया है।

हरदवां गॉव निवासी स्वर्गीय अमर सिंह पेशे से शिक्षक थे। उनके मार्गदर्शन में दो पुत्र अरिमर्दन सिंह आईआईएस जो पीआईबी मेंं एडीजी पद से राची झारखण्ड में पिछले वर्ष रिटायर्ड हुए। दूसरे पुत्र राम बदन सिंह पीपीएस से आईपीएस बन गये हैं। आजकल डीसीपी गौतमबुद्ध नगर में तैनात हैं। अंजलि अपने बाबा अमर सिंह, पिता अरिमर्दन सिंह व माता श्रीमती सत्यभामा का नाम रोशन करते हुए तीसरी पीढ़ी में अफसर बन गयी है।

अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को देते हुए अंजली बताती है हमारे घर में शुरू से फ्रीडम थी। किसी तरह का कोई दबाव नहीं था। माता-पिता ने पूरा सहयोग किया। पढ़ाई के दौरान गुरूजनों का पूरा सहयोग रहा। अंजली को यह सफलता छठवें प्रयास में मिली है। वर्ष २०१६ में भी नायब तहसीलदार में सेलेक्शन हुआ था किन्तु लक्ष्य बड़ा होने के कारण उसे ज्वाइन ही नहीं किया।

अंजली का लक्ष्य आईएएस बनने का है। इस सेवा से वह कुछ वर्षों बाद आईएएस बन ही जायेंगी। लेकिन वह सीधे यू.पी.एस.सी. से आई.ए.एस. बनना चाहती हैं। इस खुशी में आज अंजली के माता-पिता ने मिठाई खिलाकर उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनांए दीं।

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