कबीरपंथी संत रामपाल जी महाराज का हुआ सत्संग।

संवाददाता रज़ा सिद्दीक़ी

गया (संज्ञान दृष्टि) गया, बिहार | बिहार के गया जिले के धर्म सभा भवन पिर मंसूर रोड जेनित स्टूडियो के पास में कबीरपंथी संत रामपाल जी महाराज का प्रॉजेक्टर के माध्यम से सत्संग का आयोजन बीते बुधवार यानी 31 अगस्त को किया गया जिसमें दूर दूर से लगभग 1500 की संख्या में श्रद्धालु सत्संग सुनने के लिए पहुंचे।

सत्संग में संत रामपाल जी ने बताया कि मनुष्य जन्म का मुख्य उद्देश्य भक्ति करके भगवान के पास जाना है। यदि हम सतभक्ति नहीं करते तो इस मनुष्य के जीवन और पशु के जीवन में कोई अंतर नहीं है। यदि हम मनुष्य जन्म रहते भक्ति नहीं करेंगे तो फिर हमें कुत्ते, गधे आदि 84 लाख योनियों का कष्ट उठाना पड़ेगा। तथा भक्ति भी शास्त्र अनुकूल होना चाहिए अन्यथा वह भी व्यर्थ है। क्योंकि श्रीमद्भागवत गीता के अध्याय 16 श्लोक 23 में कहा गया है कि जो पुरुष शास्त्र विधि को त्यागकर अपनी इच्छा से मनमाना आचरण करता है वह न सिद्धि को प्राप्त होता है न परम गति को और न सुख को ही।

वहीं संत रामपाल जी महाराज के अनुयायियों का कहना है कि वर्तमान समय में संत रामपाल जी महाराज ही वह पूर्ण संत हैं जो सर्व धर्मों के पवित्र सद्ग्रन्थों से प्रमाणित भक्ति विधि बता रहे हैं। उनकी बताई भक्ति करने से लाईलाज बीमारियां भी दूर हो रही हैं तथा उनका प्रत्येक अनुयायी नशा, दहेज के लेनदेन, रिश्वतखोरी, भ्रष्टाचार आदि बुराइयों से पूर्णतः दूर रहता है। जिससे एक स्वच्छ समाज तैयार हो रहा है।

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