समय से इलाज मिले तो सीधे हो सकते है टेढ़े मेढ़े पैर— राजवंशी ।

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मुकेश शर्मारायबरेली (संज्ञान दृष्टि )7 जून। एम्स के पीडियाट्रिक आर्थोपेडिक विभाग में एक सादे समारोह मे संस्थान के निदेशक डॉ अरविंद राजवंशी एवं डीन डॉ नीरज कुमारी ने विश्व क्लबफुट सप्ताह के मौके पर क्लबफुट क्लीनिक का शुभारंभ करते हुये कहा की क्लबफुट एक येसी असामान्यता है जो जन्म से ही बच्चों में रहती है, यह एक दुर्लभ प्रकार का जन्म दोष है जो बच्चे के पैर को प्रभावित करता है जिसमें पैर अंदर की तरफ मुड़ जाते हैं जो कि पैर कि एड़ी के पास से होता है, इस प्रकार कि असमान्यता का इलाज अब संभव है, इसमें बच्चे के पैर मे प्लास्टर करके व विशेष प्रकार के जूते पहनाकर किया जाता है जरूरत पड़ने पर छोटा सा आपरेशन किया जाता है। क्लबफुट पर कार्य कर रही संस्था क्योर इंडिया की जिला संयोजिका प्रतिमा रावत ने बताया कि क्योर इंडिया देश भर के कई जिलों मे इस प्रकार कि असमान्यता से प्रभावित बच्चों को चिन्हित करके संबन्धित जिले के चिन्हित चिकित्सालय मे निशुल्क इलाज सुनिश्चित कराती है, संस्था येसे बच्चो को जूते भी निशुल्क प्रदान करती है। अच्छा परिणाम पाने के लिए यदि येसे प्रभावित बच्चों के जन्म के बाद ही कुछ वर्षों मे सचेत हो इलाज करा लिया जाए तो पैर कि एड़ी मुलायम होने के कारण परिणाम ज्यादा बेहतर मिलते है और ये बच्चे भी आम बच्चों कि तरह चल फिर दौड़ सकते हैं। एम्स के पीडियाट्रिक आर्थोपेडिक विभाग मे क्लबफुट का इलाज कर रहे डॉ अरविंद कुमार शर्मा ने बताया कि प्रत्येक सोमवार को येसे बच्चों का इलाज होता है, इस बीमारी का पता जेबी बच्चे माँ के गर्भ मे होते है तभी अल्ट्रासाउंड के जरिये लगाया जा सकता है, अब जिले के इस तरह के असामान्य प्रभावित बच्चों को इधर उधर भटकना नहीं पड़ेगा, शुभारंभ के मौके पर ही कुछ बच्चों को प्लास्टर लगाया गया व उनके अभिभावकों को उनकी जागरूकता के लिए उपहार दे कर सम्मानित किया गया। एम्स की डीन डॉ नीरज कुमारी ने क्योर इंडिया की येसे नेक कार्य मे सहयोग करने के लिए सराहना की, एम्स के पीडियाट्रिक आर्थोपेडिक विभाग की ओपीडी मे कार्यरत कर्मचारियों ने केक काट कर विश्व क्लब फुट दिवस मनाया, उपस्थित लोगों से अपील की कि यदि आपके आस पास येसे प्रभावित बच्चे दिखते है तो उनके अभिभावकों को उन्हे एम्स लाकर दिखाने कि सलाह दें, जिस हेतु आप मोबाइल न0 8800020241 पर कॉल करके अधिक जानकारी ले सकते है और बच्चों का पंजीकरण करा सकते हैं।

उक्त अवसर पर प्रशानिक अधिकारी समीर शुक्ल, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ अमित शुक्ल, आर्थोपेडिक विभाग की ओपीडी मे कार्यरत नर्सिंग सहायक अंजली, सुनील व अनुराधा, स्वप्निल, गणेश, एंजल, धर्मेंद्र आदि उपस्थित रहे।

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